Uncategorized

भीषण गर्मी में इंदागांव गहरे पेयजल संकट से जूझ रहा, ग्रामीणों ने की स्थायी समाधान की मांग

मैनपुर/इंदागांव। विकासखंड मैनपुर से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित वनांचल क्षेत्र ग्राम पंचायत इंदागांव इन दिनों गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहा है। लगभग 3000 की आबादी और 700 परिवारों वाले इस गांव के कई वार्ड आज भी मूलभूत पेयजल सुविधाओं से वंचित हैं। विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 7 (दंतापारा) की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार यहां 50 से 100 से अधिक परिवार निवासरत हैं, लेकिन आज तक नल-जल योजना का लाभ नहीं पहुंच पाया है। क्षेत्र में न तो नल सुविधा उपलब्ध है और न ही स्वच्छ पेयजल की कोई वैकल्पिक व्यवस्था है। ग्रामीण आज भी झरिया एवं कुओं के पानी पर निर्भर हैं, जो भीषण गर्मी के कारण सूखने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। इसी प्रकार सरपंच श्रीमती गुरुबारी केशरी ध्रुव द्वारा संकल्प पत्र क्रमांक 4 में वार्ड क्रमांक 7 में नल खनन कराने का वादा किया गया था, किन्तु वह भी अब तक केवल कागज़ों तक सीमित दिखाई दे रहा है।   ग्रामीणों का कहना है कि समस्या केवल वार्ड 7 तक सीमित नहीं है। पंचायत के अन्य वार्डों में भी अधूरी बोरिंग, अपूर्ण पाइपलाइन कार्य तथा निर्माण के बाद भी बंद पड़ी जल टंकियों के कारण पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ माह पूर्व जिला पंचायत के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के दौरान वार्ड 3 एवं वार्ड 7 में शीघ्र बोरिंग कराने का आश्वासन दिया गया था, किन्तु अब तक कोई ठोस कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। वहीं पंचायत स्तर पर किए गए कुछ वादे भी अब तक अधूरे बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभागों से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल हैंडपंप एवं बोरिंग की व्यवस्था की जाए, अधूरी नल-जल योजना को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा प्रत्येक वार्ड में स्थायी एवं स्वच्छ पेयजल सुविधा सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!