गूंगी बहू हेमलता की संदिग्ध मौत पर मायके वालों का आरोप – ससुराल पक्ष पर बढ़ा शक
गांव मदांग मुंडा में गूंगी महिला की रहस्यमयी मौत ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी बेटी को मारपीट कर मौत के घाट उतारा गया। परिजनों का कहना है कि मृतका पिछले तीन-चार दिनों से बुखार से पीड़ित थी, लेकिन ससुराल वालों ने इलाज तक नहीं करवाया। सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर तबीयत बिगड़ी थी, तो महज चार किलोमीटर दूर रहने वाले मायके परिवार को खबर क्यों नहीं दी गई? सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मायके वालों को सीधे श्मशान घाट पर बुलाकर सिर्फ चेहरा दिखाया गया छूने तक नहीं दिया गया और तुरंत शव को दफना दिया गया। इससे परिजनों का शक और गहरा गया है कि कहीं इस जल्दबाजी के पीछे सच्चाई छुपाने की कोशिश तो नहीं की गई। परिवार ने यह भी बताया कि मृतका की दो बेटियां हैं—एक की परवरिश मायके वाले कर रहे थे और दूसरी ससुराल में थी। ऐसे में अगर बहू की तबीयत बिगड़ी थी, तो मायके वालों को सूचना देना क्यों जरूरी नहीं समझा गया? मायके पक्ष का आरोप है कि मृतका को पहले भी पति द्वारा मारपीट झेलनी पड़ी थी। अब अचानक उसकी मौत और उसके बाद की जल्दबाजी कई सवाल खड़े कर रही है। गांव के कोटवार ने भी कहा कि महिला अच्छी स्वभाव की थी और रोज अपने बच्चे को गोद में उठाकर काम करती दिखती थी। उसको कोई बीमारी हैं ऐसा पता नहीं चल रहा था । उसकी अचानक मौत और फिर गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार करना “सिर्फ मौत ही नहीं, बल्कि कई राज को भी दफनाने जैसा” लग रहा है। ग्रामीणों और मायके परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि अगर दोषी ससुराल पक्ष निकले तो उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। लोगों का कहना है कि दो साल पहले भी इसी गांव में एक मौत को दबा दिया गया था, लेकिन इस बार सच सामने आना ही चाहिए।