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भेजीपदर जल पलावन नहर निर्माण : 5 साल बाद भी किसानों को नहीं मिला मुआवजा,यशवंत यादव के नेतृत्व में सौंपा आवेदन
गरियाबंद। जिले के मैनपुर ब्लॉक के ग्राम गोलामाल के किसानों ने भैंजीपदर जल पलावन नहर निर्माण में अधिग्रहित जमीन का मुआवजा अब तक नहीं मिलने पर नाराज़गी जताई है। किसानों का कहना है कि नहर निर्माण के दौरान लगभग 60 किसानों की जमीन नहर में चली गई, लेकिन 5 वर्ष बीत जाने के बावजूद भी उन्हें मुआवजा राशि प्रदान नहीं की गई है। ग्राम गोलामाल के किसानों ने सामूहिक रूप से कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए बताया कि नहर निर्माण कार्य के समय उनकी भूमि का उपयोग किया गया, लेकिन आज तक किसी भी किसान को न तो भुगतान मिला और न ही किसी तरह की जानकारी दी गई। किसानों का आरोप है कि मुआवजा भुगतान के लिए बार-बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उन्हें अनसुना किया जा रहा है। किसानों ने कहा कि मुआवजा राशि न मिलने से वे आर्थिक रूप से परेशान हैं। खेती-किसानी उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है और जमीन जाने के बाद उनकी हालत और भी खराब हो गई है। आवेदन के माध्यम से किसानों ने मांग की है कि शासन-प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर ग्राम गोलामाल के सभी प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि उपलब्ध कराए। साथ ही भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए। इस मामले की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मैनपुर और अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन उप-संभाग देवभोग को भी भेजी गई है।





