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ओड़ीसा से ला रहे थे 45 बोरी अवैध धान, तहसीलदार सुशील कुमार की टीम ने पकड़ा — अमलीपदर थाना को सौंपा गया वाहन
तहसीलदार सुशील कुमार भोई के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने एक बार फिर धान तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उड़ीसा से छत्तीसगढ़ ला रहे एक पिकअप वाहन (क्रमांक CG 18 N 0736) को पकड़ लिया। वाहन में लगभग 45 बोरी अवैध धान भरा हुआ था, जिसे ग्राम गिरीघाट की ओर लाया जा रहा था। सूत्रों के मुताबिक, यह धान उड़ीसा के कोहा आम से छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर तस्करी की जा रही थी। वाहन में दो मजदूर भी मौजूद थे, जो धान को उतराने का काम करते थे। तहसीलदार सुशील कुमार भोई और उनकी टीम ने कुही माल जंगल क्षेत्र में घेराबंदी कर वाहन को पकड़ा और माल सहित अमलीपदर थाना के सुपुर्द कर दिया। सूत्रों के मुताबिक धान खरीदी के पहले कुछ तस्कर और सहकारी समिति के कर्मचारियों की मिलीभगत से बाहर का धान स्थानीय किसानों के पट्टे पर चढ़ाकर सरकारी खरीदी केंद्रों में बेचा जाता है। इससे सरकार को हर साल हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। इस गोरखधंधे का खुलासा कई बार मीडिया रिपोर्टों में हो चुका है, लेकिन अब तक सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थायी नाका न लगने से यह अवैध कारोबार जारी है। धान खरीदी का सीजन शुरू होने से पहले ही तस्कर गोदामों और किसानों के घरों में धान डंप करने में जुट गए हैं। हाल ही में इस तरह की खबरें प्रकाशित करने पर पत्रकारों को जान से मारने की धमकियां भी दी गई थीं, बावजूद इसके “दैनिक भास्कर” ने बिना डर और दबाव के सच्चाई को उजागर किया है। इस ताजा कार्रवाई से धान माफिया में हड़कंप मच गया है और सीमावर्ती क्षेत्र में प्रशासनिक सतर्कता एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।




