अवैध धान भंडार को सारंगढ़ और बरमकेला क्षेत्र में किया जब्त
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में अवैध रूप से धान भंडारण और खरीदी की रोकथाम के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के निर्देश पर मंडी समिति और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर छापामार कार्रवाई करते हुए कुल 615 बोरी धान (लगभग 245 क्विंटल) जब्त किया है। यह कार्रवाई मंडी अधिनियम के तहत की गई है। पहली बड़ी कार्रवाई मंडी समिति जांच दल द्वारा की गई, जिसमें चंद्रा ट्रेडर्स उलखर एवं भोजराम साहू कुधरी के दुकान और गोदाम परिसर की जांच की गई। जांच के दौरान वहां 482 बोरी धान (192.80 क्विंटल) अवैध रूप से भंडारित पाया गया। मंडी अधिनियम के प्रावधानों के तहत इस धान को तुरंत जप्त कर जप्ती प्रकरण दर्ज किया गया इस कार्रवाई में मंडी सचिव राजेन्द्र कुमार ध्रुव, अधिकारी प्रीति तिर्की, अंजू दिनकर, धवेंद्र कुमार साहू और जगदीश बरेठ शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि व्यापारियों द्वारा पंजीकृत मंडी क्षेत्र के बाहर और बिना अनुमति के धान भंडारण किया जा रहा था, जो मंडी अधिनियम का उल्लंघन है। इस पर संबंधित व्यापारियों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जा रही है। इसी प्रकार, दूसरी कार्रवाई बरमकेला तहसील के ग्राम सोनबला में की गई। यहां राजस्व विभाग एवं मंडी समिति की संयुक्त टीम ने नरेश सिदार के निवास में छापामार जांच की। जांच में 133 बोरी धान अवैध रूप से भंडारित पाया गया। टीम ने मौके पर ही जब्ती की कार्यवाही की और नमूने लेकर रिपोर्ट तैयार कीइस कार्रवाई में नायब तहसीलदार मोहन साहू और मंडी विभाग के कर्मी शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर अवैध भंडारण और फर्जी खरीद-बिक्री की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। उसी आधार पर यह कार्रवाई की गई है। कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने कहा कि जिले में खरीदी सीजन के दौरान किसी भी व्यापारी या व्यक्ति को अवैध भंडारण या अनाधिकृत खरीदी की अनुमति नहीं है। सभी पंजीकृत व्यापारियों को मंडी अधिनियम के प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में भी इसी तरह की सघन जांच जारी रहेगी, और जो भी अवैध भंडारण या खरीद-बिक्री करते पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र के व्यापारियों और किसानों में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, जिले में आगामी दिनों में अन्य मंडियों और गोदामों की भी जांच की जाएगी ताकि सरकारी खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु रखा जा सके