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छैलडोंगरी का पावन दशहरा आज पंचमुखी काली के दिव्य दर्शन को उमड़ेंगे श्रद्धालु
आस्था और श्रद्धा का अनोखा संगम, क्षेत्र का प्रसिद्ध छैल डोंगरी दशहरा कल भव्य रूप से मनाया जाएगा। आयोजन समिति ने पूजा का समय दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक निर्धारित किया है। इस दौरान पंचमुखी काली मां की विशेष पूजा-अर्चना होगी और श्रद्धालु मनोकामना पूर्ण होने पर माता को भेंट अर्पित करेंगे। यह दशहरा पर्व न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि ओडिशा, महाराष्ट्र और गुजरात के भक्तों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। हर साल यहां हजारों की भीड़ उमड़ती है। इस बार भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। भीड़ और ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष इंतज़ाम किए हैं। सुबह से ही जवान चौराहों और मुख्य मार्गों पर तैनात रहेंगे, साथ ही पार्किंग व्यवस्था के लिए अलग टीम नियुक्त की गई है। पर्व की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। गोहरा पदर के पास स्थित मुख्य द्वार को भव्य रूप से सजाया गया है। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों की सफाई कमेटी द्वारा पूरी कराई जा चुकी है, ताकि श्रद्धालु स्वच्छ वातावरण में माता रानी के दर्शन कर सकें। छैल डोंगरी के अलावा नयापारा और आसपास के तीन अन्य स्थलों पर भी पंचमुखी काली का दशहरा मनाया जाएगा। आयोजकों का अनुमान है कि इन सभी स्थानों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। माना जाता है कि पंचमुखी काली मां के दर्शन से भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। उनकी दिव्यता और प्रत्यक्ष स्वरूप की महिमा पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है। यही अटूट आस्था भक्तों को हर साल इस पावन पर्व पर यहां खींच लाती है, जहां मां के जयकारों से वातावरण गूंज उठता है।





